Wednesday, December 25, 2019

आयुष्मान भारत योजना के लिए कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन ? कितना मिलेगा पैसा ?

( विष्णु त्रिपाठी की रिपोर्ट )

आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों खासकर बीपीएल धारक को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। 
इस योजना के अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। 
 
एक आंकड़े के मुताबिक, 10 करोड़ बीपीएल धारक परिवार समेत लगभग 50 करोड़ लोग इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ उठाने की दिशा की ओर अग्रसर हैं। इसके अलावा बाकी बची आबादी को भी इस योजना के अन्तर्गत लाने की योजना है।
 
आयुष्मान भारत योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती के दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से आरम्भ किया था। जबकि अंत्योदय के स्वप्नद्रष्टा पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्मतिथि 25 सितंबर 2018 से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ही इस योजना को पूरे देश में लागू कर दिया गया है।
इस योजना में दो प्रमुख तत्व शामिल हैं:- एक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, जो अब आयुष्मान भारत योजना में तब्दील हो चुकी है, के तहत सरकार 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों के लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को कवर कर रही है। यह हर परिवार के लिये, प्रति वर्ष 5 लाख रुपये के मुल्य के लिए माध्यमिक और तृतीयक स्तर पर अस्पताल में देखभाल के लिये कवरेज प्रदान करती है। 
इस योजना के लाभ पूरे देश में कहीं भी पैनल में शामिल निजी या सरकारी अस्पतालों में लिए जा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थी को देश भर के किसी भी सार्वजनिक या निजी अस्पताल से कैशलेस लाभ लेने की अनुमति है।
 
एस.ई.सी.सी डेटाबेस में दिए गए मानदंड के आधार पर यह तय किया गया है कि किसे इस योजना का लाभ उठाने का हक है। यह योजना लगभग 10.74 करोड़ गरीब, वंचित ग्रामीण परिवारों और विस्तृत शहरी कर्मचारियों के परिवारों को लक्षित कर रहा है। यह परिवार एस.ई.सी.सी. डेटाबेस, जिसमें गांवों और शहरों दोनों के डेटा शामिल हैं, के मुताबिक तय होंगे। यह लगभग सभी माध्यमिक और कई तृतीयक अस्पतालों को कवर करता है, एक नकारात्मक सूची को छोड़कर।
दूसरा, कल्याण केंद्र, इस योजना के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में प्रदान की जाने वाली निम्न सेवाओं को भी शामिल किया गया है: जैसे, गर्भावस्था देखभाल और मातृ स्वास्थ्य सेवाएं, नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, बाल स्वास्थ्य, जीर्ण संक्रामक रोग, गैर संक्रामक रोग, मानसिक बीमारी का प्रबंधन, दांतों की देखभाल, बुजुर्ग के लिए आपातकालीन चिकित्सा, आदि।
 
एक प्रारंभिक आंकड़े के मुताबिक, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ लेने वालों की संख्या 20 लाख के पार निकल गई है। कुल मिलाकर अब तक 3.07 करोड़ लाभार्थियों को योजना के तहत ई-कार्ड जारी किए गए हैं। इस योजना की देखरेख करने वाली एजेंसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुताबिक, इस योजना के लागू होने के पहले 200 दिनों में पीएम-जेएवाई के तहत 20.8 लाख से अधिक गरीब लोग लाभान्वित हुए। 
 
इसके तहत चिकित्सा बीमा की इस योजना के तहत इन लोगों को 5,000 करोड़ रुपए के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई। हालांकि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के प्रयासों से यह खर्च 2,760 करोड़ रुपए रहा। 
इस योजना के तहत अब तक 3.07 करोड़ लाभार्थियों को पीएम-जेएवाई का ई-कार्ड जारी किया गया है। इसी योजना के तहत 15,400 अस्पताल को भी जोड़ा गया है, जिनमें से 50 प्रतिशत निजी अस्पताल हैं। सच कहा जाए तो 'आयुष्मान भारत' योजना निजी अस्पतालों और बीमा कंपनियों के लिए संजीवनी बन चुकी है। प्रख्यात अमेरिकी उद्योगपति बिल गेट्‍स ने भी आयुष्मान भारत योजना की तारीफ की है।
 
सरकार इस योजना के माध्यम से गरीब, उपेक्षित परिवार और शहरी गरीब लोगों के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना चाहती है। क्योंकि सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 के हिसाब से ग्रामीण इलाके के 8.03 करोड़ परिवार और शहरी इलाके के 2.33 करोड़ परिवार आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आ रहे हैं। जबकि इस योजना के दायरे में लगभग 50 करोड़ लोग आएंगे।

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